चांद भी बस रात में ही अच्छा लगता है
इंसान अपने ओकात में अच्छा लगता हैं
गुजरे हुए पल याद करके रोना
ये मुझको बस बरसात में अच्छा लगता हैं
मोहब्बत भी अब पैसे देख के किये जाते है
आशिक़ों अब पैसे कमाओ
इश्क़ भी बस अच्छे हालात में अच्छा लगता है।
कर देगी एक दिन मुझको
ये आर पार मोहब्बत
है यकीन मुझे करेगी जख्मो से
तार तार मोहब्बत
मुझे तो एक ही ने मौत के
दहलीज पे लाके छोड़ा है
न जाने कैसे कर लेते हो तुम
बार बार मोहब्बत
ये दिल से निभाने वालों को
दिल से निकाले जाते है
इसलिए तुम भी करना यारो
चार चार मोहब्बत।
मुझे मेरे सवाल पर छोड़ दीजिए
मेरी कहानियां मेरे ख्याल पर छोड़ दीजिए
अब हर बात पर सफाई देना जरूरी तो नहीं
बस मुझे मेरे इस हाल पर छोड़ दीजिए
एक अजीब सी जंग चल रही है खुद से
खुद को संभालने का
ओर हर बार वही हार
खुद से टूट बिखरने का।
थोड़े खुशियों का सहारा
भी तो हो सकता था
हम दोनों का साथ में गुजारा भी तो हो सकता था
हर एक पल एक आह आती है दिल से मेरे
आखिर क्यों बिचड़ा है तू हमसे
तू हमारा भी तो हो ही सकता था।
तेरे दर से जब भी गुजरे
नहीं लौटे खाली हम
कभी अश्क़ तो कभी मिले रंजिशे ग़म
जहां दुआ करनी चाहिए थी वहां हम
शिकायतें कर बैठे
इसी नादानी में कई हिस्से में टूटे हम।
अब हम भी टाले नहीं जायेंगे
किसी के दिल से भी निकले नहीं जायेंगे
अब जो बिछड़े तुमसे तो यकीन है मुझको
किसी दोस्तों से भी संभाले नहीं जायेंगे।
जो हसरत रह गई अधूरी
वो काश हु मैं
जितनी भी बची हु
एक जिंदा लाश हु मैं
नींदों के बिस्तर पे
सांसे लेती है सिसकिया
खुद से दूर एक
टूटी हुई विश्वास हु मैं
हर पल हर जगह
घिरी रही महफिलों से मगर
इन अपनों के भीड़ में कितनी उदास हु मैं।
इश्क़ की हर कहानी में
मरते है लोग भरी जवानी में
सबको शिकायतें बस राजा से ही क्यों
क्या कोई एब नहीं है रानी में।
अब तो कुछ ऐसा होने वाला है
समंदर से एक मोती खोने वाला है
आओ यारो लगा लो सीने से मुझको एक बार
अब ये आंखें हमेशा के लिए सोने वाला है।
जब भी आओगे जाना तुम
खोया हुआ ही पाओगे मुझको
मेरे कमरे में चंद किताबों के सिवा कुछ नहीं
ये जो मेरे कमरे को सजाने की
तमन्ना रखती हो तुम
यहाँ चंद ख्वाबों के सिवा कुछ नहीं।


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